किसने बोला काम करो
घर बैठो, आराम करो

कितना कुछ है मुमकिन देख
घर पर बैठ बुलेटिन देख
बहसों से कर टाइम पास
कितने हैं अच्छे दिन देख

ख़बर थी -
एक बीमार नेता ने, लंदन में
अन्तिम सांस ली।
उधर यमदूत नेता को लेकर
नरक पहुंच भी नहीं
उससे पहले चैनल का रिपोर्टर
लंदन पहुंच गया अपनी टीम लेकर
और नेता के बेटे का इंटरव्यू लिया -

इतना सारा सुख!
वह भी सस्ते दामों पर
कहीं यह सुख के पैकेट में
दुख का कच्चा माल न निकले!

धूल कितने रंग बदले डोर और पतंग बदले
जब तलक जिंदा कलम है हम तुम्हें मरने न देंगे

खो दिया हमने तुम्हें तो पास अपने क्या रहेगा
कौन फिर बारूद से सन्देश चन्दन का कहेगा
मृत्यु तो नूतन जनम है हम तुम्हें मरने न देंगे।

कार्टून कोना

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