Kharg Island पर अमेरिकी हमले से कुछ घंटे पहले दिया गया Donald Trump का एक इंटरव्यू अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि खार्ग आइलैंड पर कब्जा करना उनकी प्राथमिकता नहीं है, लेकिन वह “कुछ ही सेकंड में अपना फैसला बदल सकते हैं।”

दरअसल शुक्रवार सुबह प्रसारित एक इंटरव्यू में ट्रंप से पूछा गया था कि क्या वह खार्ग आइलैंड पर नियंत्रण करने की योजना बना रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि फिलहाल यह उनकी प्राथमिकता में नहीं है, लेकिन हालात के अनुसार वह तुरंत फैसला बदल सकते हैं।
हालांकि उसी दिन बाद में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के इस रणनीतिक द्वीप पर बड़ा हवाई हमला किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि उनके निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मिडिल ईस्ट के इतिहास के सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियानों में से एक को अंजाम दिया और खार्ग आइलैंड पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को “पूरी तरह तबाह” कर दिया।
क्यों अहम है खार्ग आइलैंड
Kharg Island ईरान के तट से करीब 26 किलोमीटर दूर और Strait of Hormuz से लगभग 483 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है।
यह द्वीप ईरान के तेल निर्यात नेटवर्क का सबसे अहम केंद्र माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के लगभग **90% तेल निर्यात** यहीं से दुनिया भर में भेजे जाते हैं। इसी वजह से इसे ईरान के तेल नेटवर्क का “क्राउन ज्वेल” भी कहा जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस द्वीप के तेल ढांचे को नुकसान पहुंचता है तो ईरान की अर्थव्यवस्था और वैश्विक तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
बढ़ता जा रहा अमेरिका-ईरान तनाव
United States और Iran के बीच पिछले कुछ समय से सैन्य तनाव तेजी से बढ़ा है। खार्ग आइलैंड पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में संघर्ष और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तेल ढांचे को निशाना बनाया गया तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।