17 साल तक आईपीएल ट्रॉफी का इंतजार करने वाली Royal Challengers Bengaluru अब लगातार दूसरी बार आईपीएल चैंपियन बन चुकी है। अहमदाबाद में खेले गए आईपीएल 2026 फाइनल में आरसीबी ने Gujarat Titans को 5 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ वह बैक-टू-बैक आईपीएल खिताब जीतने वाली चुनिंदा टीमों में शामिल हो गई। ([Reuters][1])
कभी “ई साला कप नामदे” के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल होने वाली आरसीबी आज आईपीएल की सबसे मजबूत और संतुलित टीम मानी जा रही है। लेकिन सवाल यही है कि आखिर दो साल में ऐसा क्या बदल गया कि “चोकर्स” कहलाने वाली टीम लगातार दो बार चैंपियन बन गई?
# 17 साल तक स्टार खिलाड़ियों पर टिकी रही टीम
Virat Kohli, AB de Villiers और Chris Gayle जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने आरसीबी को दुनिया का सबसे बड़ा फैनबेस दिलाया।
टीम के पास रन बनाने वाले सुपरस्टार बल्लेबाज तो थे, लेकिन खिताब जीतने के लिए जरूरी संतुलन नहीं था। हर सीजन उम्मीदें विराट, गेल और डिविलियर्स के इर्द-गिर्द घूमती रहीं। बल्लेबाजी चमकती थी, लेकिन गेंदबाजी दबाव में टूट जाती थी।
यही कारण रहा कि 2009, 2011 और 2016 में फाइनल खेलने के बावजूद आरसीबी ट्रॉफी नहीं जीत सकी।
एंडी फ्लावर ने बदली पूरी सोच
आरसीबी के बदलाव की असली शुरुआत 2025 के मेगा ऑक्शन से पहले हुई।
मुख्य कोच Andy Flower ने टीम निर्माण का तरीका बदल दिया। उन्होंने सिर्फ स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर रहने की रणनीति खत्म कर दी।
फ्रेंचाइजी ने केवल तीन खिलाड़ियों को रिटेन किया:
Virat Kohli
Rajat Patidar
Yash Dayal
इसके बाद ऑक्शन में बड़े नामों की बजाय टीम बैलेंस पर फोकस किया गया।
फिल साल्ट, जितेश शर्मा, देवदत्त पडिक्कल, टिम डेविड और क्रुणाल पंड्या जैसे खिलाड़ियों को शामिल कर बल्लेबाजी में गहराई लाई गई। वहीं गेंदबाजी यूनिट को पूरी तरह नया रूप दिया गया।
कप्तान रजत पाटीदार ने बदल दी टीम की पहचान
2025 में जब Rajat Patidar को कप्तान बनाया गया तो कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने इस फैसले पर सवाल उठाए थे।
लेकिन आज वही पाटीदार लगातार दो आईपीएल ट्रॉफी जीतकर लीग के सबसे सफल कप्तानों में शामिल हो चुके हैं। फाइनल जीतने के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह आरसीबी के कप्तान बनेंगे और टीम को चैंपियन बनाएंगे। ([Sports News Portal | Revsportz][2])
पाटीदार की सबसे बड़ी ताकत उनका शांत स्वभाव रहा है। दबाव की स्थिति में भी वह घबराते नहीं हैं। फील्ड प्लेसमेंट, गेंदबाजों का सही उपयोग और खिलाड़ियों पर भरोसा उनकी कप्तानी की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है।
विराट कोहली को मिला मजबूत सपोर्ट सिस्टम
पहले आरसीबी की जीत काफी हद तक विराट कोहली के प्रदर्शन पर निर्भर रहती थी।
लेकिन अब टीम में कई मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं।
फाइनल में भी विराट कोहली ने नाबाद 75 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई और अपना सबसे तेज आईपीएल फाइनल अर्धशतक लगाया। ([Reuters][1])
2025 में उन्होंने 657 रन बनाए थे, जबकि 2026 में उनके बल्ले से 675 रन निकले। लेकिन अब टीम केवल उनके प्रदर्शन पर निर्भर नहीं रहती।
वेंकटेश अय्यर, जितेश शर्मा, टिम डेविड और क्रुणाल पंड्या जैसे खिलाड़ी किसी भी मैच का रुख बदल सकते हैं।
गेंदबाजी बनी आरसीबी की सबसे बड़ी ताकत
आरसीबी के बदलाव की सबसे बड़ी वजह उसकी गेंदबाजी यूनिट रही है।
कई वर्षों तक टीम की कमजोरी मानी जाने वाली गेंदबाजी अब उसकी सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है।
Bhuvneshwar Kumar, Josh Hazlewood, Rasikh Salam और Krunal Pandya ने मिलकर आरसीबी को नई पहचान दी।
आईपीएल 2026 में:
भुवनेश्वर कुमार ने 28 विकेट लिए
रसिख सलाम डार ने 19 विकेट झटके
जोश हेजलवुड ने 15 विकेट लिए
क्रुणाल पंड्या ने 14 विकेट हासिल किए
फाइनल में भी गुजरात टाइटंस को 155 रन पर रोकने में इन गेंदबाजों की अहम भूमिका रही। रसिख सलाम डार ने तीन विकेट लिए जबकि भुवनेश्वर कुमार ने किफायती गेंदबाजी की। ([The Indian Express][3])
फाइनल में ऐसे बनी चैंपियन
अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए फाइनल में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 155/8 का स्कोर बनाया।
जवाब में आरसीबी ने 18 ओवर में 161/5 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया।
विराट कोहली ने नाबाद 75 रन बनाए जबकि वेंकटेश अय्यर ने तेज शुरुआत देकर दबाव कम कर दिया। आरसीबी ने मुकाबला 5 विकेट से जीतकर लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की। ([The Indian Express][3])
क्यों बदली आरसीबी की किस्मत?
आरसीबी की सफलता के पीछे चार सबसे बड़े कारण रहे:
1. संतुलित टीम चयन
अब टीम सिर्फ स्टार बल्लेबाजों पर निर्भर नहीं है।
2. मजबूत गेंदबाजी आक्रमण
भुवनेश्वर, हेजलवुड और रसिख जैसे गेंदबाजों ने टीम को नई पहचान दी।
3. एंडी फ्लावर की रणनीति
उन्होंने टीम को स्टार कल्चर से निकालकर मैच विनर्स की यूनिट बनाया।
4. रजत पाटीदार की कप्तानी
शांत दिमाग और खिलाड़ियों पर भरोसे ने आरसीबी को नई ऊंचाई दी।
निष्कर्ष
एक समय “चोकर्स” कहलाने वाली Royal Challengers Bengaluru अब आईपीएल की सबसे कम्प्लीट टीम बन चुकी है। टीम के पास मजबूत बल्लेबाजी, विश्वस्तरीय गेंदबाजी, सफल कप्तान और अनुभवी कोचिंग स्टाफ मौजूद है।
17 साल का इंतजार खत्म होने के बाद आरसीबी ने सिर्फ ट्रॉफी नहीं जीती, बल्कि अपनी पहचान भी बदल दी। अब “ई साला कप नामदे” सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि जीत की आदत बन चुका है। ([Reuters][1])