प्रयागराज महाकुंभ 2025 से सुर्खियों में आए IITian बाबा अभय सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका कोई विवाद नहीं, बल्कि उनकी शादी है। अभय सिंह ने कर्नाटक की रहने वाली इंजीनियर प्रतीका के साथ शादी कर ली है। शादी के बाद जब दोनों हरियाणा के झज्जर जिले स्थित अपने पैतृक गांव सासरौली पहुंचे, तो परिवार ने उनका जोरदार स्वागत किया।
हिमाचल के मंदिर में हुई शादी, फिर की कोर्ट मैरिज

मिली जानकारी के अनुसार, अभय सिंह और प्रतीका ने 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के पास स्थित अघंजर महादेव मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। इसके बाद 19 फरवरी को दोनों ने कोर्ट मैरिज भी कर ली।
बताया जा रहा है कि अभय सिंह की पत्नी प्रतीका मूल रूप से कर्नाटक के मंगलुरु की रहने वाली हैं और पेशे से इंजीनियर हैं। फिलहाल यह दंपति धर्मशाला में रह रहा है।
गांव पहुंचते ही परिवार ने दिया प्यार भरा सरप्राइज़
शादी के बाद जब अभय सिंह अपनी पत्नी के साथ अपने गांव सासरौली पहुंचे, तो वहां परिवार और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। घर पहुंचते ही दोनों ने सबसे पहले अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया।
अभय सिंह की मां शीला देवी ने बहू का पूरे पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया। उन्होंने बेटे-बहू के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी, मिठाई खिलाई और फिर नई बहू का गृहप्रवेश कराया।
इस मौके पर परिवार में खुशी का माहौल देखने को मिला।
अभय सिंह के पिता कौन हैं?
अभय Singh के पिता कर्ण सिंह पेशे से वकील हैं। बताया जाता है कि वे झज्जर बार एसोसिएशन के प्रधान भी रह चुके हैं। ऐसे में परिवार का सामाजिक दायरा भी काफी बड़ा माना जाता है।
पत्नी प्रतीका ने बताया कैसा है IITian बाबा का स्वभाव

अभय सिंह की पत्नी प्रतीका ने अपने पति के बारे में बात करते हुए कहा कि उनका स्वभाव बेहद सरल, ईमानदार और सच्चा है। उन्होंने कहा कि दोनों मिलकर आगे चलकर सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए काम करना चाहते हैं।
शादी के बाद IITian बाबा ने बताया अपना बड़ा सपना

शादी के बाद अभय सिंह ने भी अपनी खुशी जाहिर की और भविष्य की योजना पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वे आने वाले समय में एक “सनातन यूनिवर्सिटी” बनाने की दिशा में काम करना चाहते हैं।
उनका कहना है कि इस यूनिवर्सिटी में आधुनिक शिक्षा, आध्यात्मिक साधना और पारंपरिक भारतीय ज्ञान को एक साथ जोड़ा जाएगा।
कौन हैं IITian बाबा अभय सिंह?
अभय सिंह का नाम देशभर में तब चर्चा में आया जब वे प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान लोगों के बीच लोकप्रिय हो गए। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ आध्यात्म तक सीमित नहीं है। उनका शैक्षणिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है।
पढ़ाई में तेज थे अभय सिंह
अभय सिंह बचपन से ही पढ़ाई में काफी होशियार बताए जाते हैं। उन्होंने दिल्ली में रहकर IIT की तैयारी की और परीक्षा पास कर IIT बॉम्बे में दाखिला लिया।
वहां से उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने मास्टर डिग्री भी पूरी की।
कनाडा में नौकरी, फिर अचानक बदल गई जिंदगी
उच्च शिक्षा के बाद अभय सिंह कनाडा चले गए, जहां उन्होंने एरोप्लेन बनाने वाली कंपनी में काम किया। लेकिन साल 2021 में कोविड लॉकडाउन के दौरान उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया।
लॉकडाउन के बाद वे भारत लौट आए। भारत आने के बाद उन्होंने कुछ समय तक फोटोग्राफी की और फिर धीरे-धीरे उनका झुकाव अध्यात्म की ओर बढ़ता गया।
परिवार से दूरी, फिर गुरु से मुलाकात
भारत लौटने के बाद अभय सिंह ने परिवार से दूरी बना ली थी। बताया जाता है कि परिवार ने उन्हें काफी तलाशा, लेकिन वे लंबे समय तक संपर्क में नहीं आए।
इसी दौरान उनकी मुलाकात काशी में अपने गुरु सोमेश्वर पुरी से हुई। यहीं से उनका जीवन पूरी तरह आध्यात्मिक दिशा में मुड़ गया।
बाद में उनके गुरु उन्हें अपने साथ प्रयागराज महाकुंभ 2025 में लेकर पहुंचे, जहां लोग उन्हें पहले इंजीनियर बाबा और फिर IITian बाबा के नाम से पहचानने लगे।
सुर्खियों के साथ विवादों में भी रहे IITian बाबा
अभय सिंह जितनी तेजी से मशहूर हुए, उतनी ही तेजी से विवादों में भी आए।
उन पर लगे ये बड़े आरोप:
19 जनवरी 2025 को उन्हें कथित तौर पर अपने गुरु के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा इस्तेमाल करने के आरोप में जूना अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया था।
अखाड़े की अनुशासन समिति ने उन पर अखाड़े के आसपास आने पर भी रोक लगा दी थी।
मार्च 2025 में एक टीवी डिबेट के दौरान उनके साथ कथित मारपीट की घटना भी सामने आई थी।
इसी महीने जयपुर पुलिस ने उन्हें गांजा रखने के आरोप में हिरासत में भी लिया था।
हालांकि इन विवादों के बावजूद उनकी लोकप्रियता में कमी नहीं आई और वे लगातार चर्चा में बने रहे।
अब नई जिंदगी की शुरुआत
अब IITian बाबा अभय सिंह ने शादी के बाद अपनी जिंदगी का नया अध्याय शुरू कर दिया है। एक तरफ जहां उनका नाम पहले अध्यात्म, महाकुंभ और विवादों से जुड़ा रहा, वहीं अब वे अपनी पत्नी प्रतीका के साथ पारिवारिक और सामाजिक जीवन की नई शुरुआत करते नजर आ रहे हैं।
देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में उनका “सनातन यूनिवर्सिटी” वाला सपना कितना आगे बढ़ता है और वे अपने नए जीवन को किस दिशा में ले जाते हैं।