भारत में नदियों को सिर्फ जल का स्रोत नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। इनमें भी मां गंगा का स्थान सबसे ऊंचा है। हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का पावन पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं।
इस साल गंगा दशहरा 25 मई 2026 को मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर गंगा के घाटों की सुंदरता देखते ही बनती है। लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान, आरती और दीपदान के लिए देशभर के प्रसिद्ध घाटों पर पहुंचते हैं। आइए जानते हैं उन 5 घाटों के बारे में, जहां गंगा दशहरा का नजारा किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता।
1. हर की पैड़ी, हरिद्वार
उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित हर की पैड़ी गंगा दशहरा के दिन आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन जाता है। सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है।
‘हर-हर गंगे’ और ‘जय मां गंगे’ के जयकारों के बीच गंगा स्नान करने का अलग ही आध्यात्मिक अनुभव मिलता है। शाम के समय होने वाली गंगा आरती घाट की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती है। हजारों दीपकों की रोशनी और गंगा की लहरें ऐसा दृश्य बनाती हैं जिसे देखकर मन मंत्रमुग्ध हो जाता है।
2. दशाश्वमेध घाट, काशी
वाराणसी का दशाश्वमेध घाट दुनिया भर में अपनी भव्य गंगा आरती के लिए प्रसिद्ध है। गंगा दशहरा के दिन यहां का माहौल और भी दिव्य हो जाता है।
एक साथ कई पुजारियों द्वारा की जाने वाली विशाल आरती, शंखनाद, घंटियों की आवाज और धूप-अगरबत्ती की सुगंध श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक दुनिया में ले जाती है। जब रात में हजारों दीपक गंगा में प्रवाहित किए जाते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे आसमान के तारे नदी में उतर आए हों।
3. त्रिवेणी घाट, ऋषिकेश
अगर आप शांति और प्रकृति के बीच गंगा दशहरा का अनुभव करना चाहते हैं, तो ऋषिकेश का त्रिवेणी घाट सबसे बेहतरीन जगह है।
चारों ओर पहाड़, ठंडी हवाएं और गंगा की शांत धारा यहां का वातावरण बेहद सुकूनभरा बनाते हैं। शाम की महाआरती के दौरान पूरा घाट भक्ति में डूब जाता है। यहां बैठकर बहती गंगा को निहारना मन को गहरी शांति देता है।
4. संगम घाट, प्रयागराज
प्रयागराज का संगम घाट वह पवित्र स्थान है जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम होता है। गंगा दशहरा के दिन यहां स्नान का विशेष महत्व माना जाता है।
श्रद्धालु नाव से संगम के बीच पहुंचकर डुबकी लगाते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन पूरा क्षेत्र रोशनी, भजन और भक्तों की भीड़ से जगमगा उठता है।
5. बृजघाट, गढ़मुक्तेश्वर
दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए गढ़मुक्तेश्वर का बृजघाट गंगा दशहरा का लोकप्रिय धार्मिक स्थल है।
त्योहार के दौरान यहां मेले जैसा माहौल रहता है। घाट को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। शाम की आरती और दीपदान के समय यहां का दृश्य बेहद आकर्षक लगता है।
दीपदान का अद्भुत नजारा
गंगा दशहरा की शाम दीपदान का दृश्य सबसे ज्यादा मनमोहक होता है। श्रद्धालु पत्तों पर फूल और छोटे-छोटे दीप रखकर उन्हें गंगा में प्रवाहित करते हैं।
अंधेरे में बहते हजारों दीप ऐसे दिखाई देते हैं जैसे आसमान के सितारे गंगा की लहरों पर उतर आए हों। यही दृश्य गंगा दशहरा को और भी खास बना देता है।
