
अगर आप नौकरी करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। अब नौकरी छोड़ने, नौकरी से निकाले जाने या कंपनी बंद होने की स्थिति में कर्मचारियों को अपने पैसे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
नए लेबर कोड के तहत कंपनियों को कर्मचारी का फुल एंड फाइनल सेटलमेंट सिर्फ 2 कार्य दिवस के भीतर करना होगा। यानी कर्मचारी का बकाया वेतन, छुट्टियों का पैसा और अन्य जरूरी भुगतान अब जल्दी मिल सकेगा।
पहले कई कंपनियों में यह प्रक्रिया काफी लंबी होती थी और कर्मचारियों को अपना पैसा पाने के लिए कई हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब सरकार के नए नियम के बाद इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
क्या है नया नियम
नए नियम के अनुसार अगर कोई कर्मचारी नौकरी से इस्तीफा देता है, कंपनी उसे नौकरी से निकाल देती है, छंटनी का शिकार होता है या कंपनी बंद हो जाती है, तो कंपनी को उसका फुल एंड फाइनल सेटलमेंट 2 कार्य दिवस के भीतर पूरा करना होगा।
इसका मतलब है कि कर्मचारी को उसके बकाया वेतन और अन्य देयों के लिए लंबे समय तक परेशान नहीं होना पड़ेगा।
कर्मचारियों को क्या फायदा होगा
इस नियम से नौकरीपेशा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अक्सर नौकरी जाने या नौकरी छोड़ने के बाद व्यक्ति पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है।
ऐसे समय में उसे घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, किराया, ईएमआई, बिजली पानी के बिल जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए तुरंत पैसों की जरूरत होती है।
अगर कंपनी समय पर भुगतान कर दे, तो कर्मचारी को काफी राहत मिल सकती है।
कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा
यह नियम कर्मचारियों के लिए राहत भरा है, लेकिन कंपनियों के लिए यह एक बड़ी जिम्मेदारी भी होगी।
अब एचआर और अकाउंट्स विभाग को कर्मचारी के एग्जिट के बाद बहुत तेजी से पूरा हिसाब तैयार करना होगा। इसमें बकाया सैलरी, छुट्टियों का हिसाब, बोनस या इंसेंटिव, कंपनी की संपत्ति की वापसी और अन्य भुगतान शामिल होंगे।
यानि अब कंपनियों को अपने एग्जिट प्रोसेस को पहले से ज्यादा तेज और व्यवस्थित बनाना होगा।
पहले क्या होती थी दिक्कत
पहले कई कंपनियों में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट में काफी देरी होती थी। कर्मचारी को सैलरी क्लियरेंस, एरियर, छुट्टी का पैसा, बोनस और अन्य बकाया के लिए कई बार 30 से 60 दिन तक इंतजार करना पड़ता था।
इसी वजह से नौकरी छोड़ने या जाने के बाद कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था।
कर्मचारियों को क्या सावधानी रखनी चाहिए
अगर आप नौकरी छोड़ रहे हैं या कंपनी बदलने वाले हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखें।
जरूरी दस्तावेज संभालकर रखें
ऑफर लेटर
अपॉइंटमेंट लेटर
सैलरी स्लिप
इस्तीफा मेल
एचआर से हुई बातचीत
एग्जिट से जुड़े कागजात
एग्जिट से पहले ये काम जरूर करें
कंपनी का लैपटॉप, आईडी कार्ड और अन्य सामान जमा करें
छुट्टियों का हिसाब क्लियर करें
बैंक डिटेल अपडेट रखें
पीएफ और यूएएन की जानकारी सुरक्षित रखें
अगर कंपनी पैसा न दे तो क्या करें
अगर कंपनी तय समय में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट नहीं करती है, तो कर्मचारी को पहले लिखित रूप से एचआर या कंपनी प्रबंधन से संपर्क करना चाहिए।
अगर इसके बाद भी समाधान नहीं मिलता, तो कर्मचारी श्रम विभाग या संबंधित लेबर अथॉरिटी के पास शिकायत कर सकता है।
नए लेबर कोड के तहत फुल एंड फाइनल सेटलमेंट को 2 कार्य दिवस में पूरा करने का नियम कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। इससे नौकरी छोड़ने या नौकरी जाने की स्थिति में लोगों को अपने ही पैसे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
यह बदलाव कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। वहीं कंपनियों को भी अब अपने एचआर और पेमेंट सिस्टम को ज्यादा तेज और पारदर्शी बनाना होगा।