देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने और कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाया दबाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में भारत को महंगे दाम पर कच्चा तेल खरीदना पड़ रहा है, जिससे तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा
1 मई 2026 से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर 3071.50 रुपये तक पहुंच गई है। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत पर पड़ रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
कई देशों में पहले ही बढ़ चुके हैं दाम
दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं, तो भारत में भी इसका असर दिख सकता है।
सरकार का क्या कहना है
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा है कि वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने सुनिश्चित किया है कि देश में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित न हो।
आम लोगों पर असर
अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। परिवहन महंगा होने से सब्जी, फल और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं।
फिलहाल क्या है स्थिति
अभी तक पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई है। लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और LPG के दाम बढ़ने के बाद आने वाले समय में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
देशभर के लोग अब सरकार और तेल कंपनियों के अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं।