संसद परिसर में कुत्ता लेकर पहुंचने को लेकर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी एक नए विवाद में घिर गई हैं। भाजपा का कहना है कि उन्होंने संसद की मर्यादा का उल्लंघन किया है, इसलिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (Privilege Motion) लाने पर विचार किया जा रहा है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
शीतकालीन सत्र के पहले दिन रेणुका चौधरी अपनी गाड़ी में बैठे एक कुत्ते के साथ संसद परिसर पहुँचीं। इसकी तस्वीरें सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि यह संसद की गरिमा के खिलाफ है।
पत्रकारों के सवाल पर रेणुका का जवाब
बुधवार को जब उनसे पूछा गया कि भाजपा उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है, तो उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा
“भौं-भौं… अब और क्या बोलूं!”
इसके बाद उन्होंने कहा—
“विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव जब आएगा तो देखा जाएगा। जब आएगा, मैं मुंह तोड़ जवाब दूंगी।”
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि—
“अटल बिहारी वाजपेयी भी एक बार बैलगाड़ी लेकर संसद आए थे।”
राहुल गांधी का भी बयान
इस मामले पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी और व्यंग्य करते हुए कहा कि—
“आजकल देश में इसी तरह की बातें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।”
रेणुका का पुराना बयान फिर चर्चा में
इससे पहले भी रेणुका चौधरी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा था—
“सरकार को जानवर पसंद नहीं हैं। कुत्ता गूंगा जानवर है, क्या वो काटने वाला लग रहा था? काटने वाले संसद के अंदर बैठे हैं, कुत्ते नहीं।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रहा।
BJP का आरोप क्या है?
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने इसे संसद की गरिमा और नियमों का उल्लंघन बताया।
भाजपा प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने कहा कि रेणुका चौधरी ने अपने बयानों से सांसदों व कर्मचारियों का अपमान किया है, और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।