कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बकाया महंगाई भत्ते (डीए) की मांग को लेकर सरकारी कर्मचारी संगठनों ने शुक्रवार को राज्यव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस बीच राज्य सरकार ने इस हड़ताल को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि हड़ताल के दिन जो कर्मचारी कार्यालय से अनुपस्थित रहेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उनका उस दिन का वेतन काट लिया जाएगा।
सभी सरकारी कार्यालय खुले रहेंगे
राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक शुक्रवार को सभी सरकारी कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे और कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस दिन किसी भी कर्मचारी को आकस्मिक अवकाश (सीएल) या आधे दिन की छुट्टी की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अनुपस्थित रहने पर होगी कार्रवाई
निर्देश में कहा गया है कि बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की सेवा में उस दिन को ‘डाइस-नॉन’ माना जाएगा। इसका सीधा असर उनके वेतन और सेवा रिकॉर्ड पर पड़ेगा।
इसके अलावा ऐसे कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जाएगा और संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इन परिस्थितियों में मिलेगी छूट
सरकार ने कुछ विशेष परिस्थितियों में कर्मचारियों को छूट दी है।
अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति
परिवार में शोक
12 मार्च से पहले से स्वीकृत मातृत्व अवकाश
पहले से स्वीकृत चिकित्सा अवकाश
इन मामलों में कर्मचारियों को हड़ताल से जुड़ी कार्रवाई से बाहर रखा जाएगा।
30 मार्च तक मांगी गई रिपोर्ट
राज्य सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे 30 मार्च तक अपनी रिपोर्ट सौंपें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हड़ताल के कारण प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो।
सरकार का कहना है कि किसी भी स्थिति में सरकारी कामकाज बाधित नहीं होना चाहिए।