अयोध्या/नई दिल्ली, 18 मार्च 2026: Ram Mandir Ayodhya में एक और ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। 19 मार्च को Chaitra Navratri के शुभ अवसर पर मंदिर में ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना की जाएगी। इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में देशभर के साधु-संत, वैदिक विद्वान और राष्ट्रपति Droupadi Murmu भी शामिल होंगी।
क्या है श्री राम यंत्र

‘श्री राम यंत्र’ को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है। यह यंत्र Lord Rama की दिव्य शक्ति का प्रतीक माना जाता है। जिस तरह श्री यंत्र, कुबेर यंत्र और नवग्रह यंत्र होते हैं, उसी प्रकार यह यंत्र भी विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है।
मान्यता है कि जहां इस यंत्र की स्थापना होती है, वहां वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष के अनुसार श्री राम यंत्र का संबंध देवगुरु बृहस्पति से माना जाता है। बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, शिक्षा, संतान, धन और भाग्य का कारक ग्रह माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम का जन्म कर्क राशि और पुनर्वसु नक्षत्र में हुआ था, जहां गुरु उच्च स्थिति में रहते हैं और गजकेसरी योग बनता है। इसी कारण यह यंत्र जीवन में संतुलन और सफलता लाने वाला माना जाता है।
श्री राम यंत्र के फायदे
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस यंत्र के कई लाभ बताए जाते हैं:
मानसिक अशांति को कम करने में सहायक
पितृ दोष से मुक्ति दिलाने में मददगार
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने वाला
राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने में सहायक
घर और स्थान से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है
वास्तु दोष को कम करने में मददगार
सुख-समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने में उपयोगी
कैसे होगी स्थापना
यह यंत्र मंदिर के गर्भगृह के तीसरे तल पर पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रों के साथ स्थापित किया जाएगा। पिछले दो वर्षों से इसे मंदिर परिसर में सुरक्षित रखा गया था और नियमित पूजा भी की जा रही थी।
Ram Mandir Ayodhya में ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना न केवल धार्मिक बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। Chaitra Navratri के पावन अवसर पर होने वाला यह अनुष्ठान श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है और इसे सकारात्मक ऊर्जा व आस्था का प्रतीक माना जा रहा है।