
Vat Savitri Vrat इस साल 16 मई, शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं। वट सावित्री व्रत में वट वृक्ष और माता सावित्री की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के दौरान कुछ खास सामग्रियों का होना बेहद जरूरी माना जाता है। कहा जाता है कि इनके बिना वट सावित्री की पूजा अधूरी रह जाती है।
वट सावित्री व्रत पूजा सामग्री लिस्ट
व्रत और पूजा के लिए इन चीजों को पहले से तैयार कर लें:
गंगाजल
तांबे का लोटा
रोली
कलावा
सिंदूर
मौली
अक्षत
कच्चा सूत
घी
दीपक और बाती
अगरबत्ती
तिल
भीगे काले चने
लीची और आम
मौसमी फल
लाल और पीले फूल
मिठाई
केले के पत्ते
मिट्टी का घड़ा
बांस का पंखा
नए वस्त्र
श्रृंगार का सामान
अगर कोई महिला पहली बार वट सावित्री व्रत रख रही है, तो उसे वस्त्र से बने वर-वधु का जोड़ा भी पूजा में शामिल करना चाहिए।
इन 4 चीजों के बिना अधूरी मानी जाती है पूजा
धार्मिक जानकारों के मुताबिक वट सावित्री व्रत में चार चीजें सबसे ज्यादा जरूरी मानी जाती हैं:
वट वृक्ष
कच्चा सूत
बांस का पंखा
काले चने
मान्यता है कि इन चार वस्तुओं के बिना पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
क्यों खास है वट सावित्री व्रत?
पौराणिक कथा के अनुसार माता सावित्री ने अपने तप और संकल्प से Yama से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से यह व्रत अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि वट वृक्ष में Brahma, Vishnu और Shiva का वास होता है। इसलिए महिलाएं वट वृक्ष की पूजा और परिक्रमा करती हैं।
इस बार बन रहा खास संयोग
इस वर्ष वट सावित्री व्रत पर शनि जयंती और शनि अमावस्या का भी विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है।