पाकिस्तान सुपर लीग 2026 की शुरुआत के साथ ही विवाद भी शुरू हो गया है। टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में से एक मैच के दौरान लाहौर कलंदर्स पर गेंद से छेड़छाड़ यानी बॉल टैंपरिंग का आरोप लगा, जिसके बाद अंपायरों ने टीम पर 5 रन की पेनल्टी लगा दी। यह फैसला मैच के बेहद अहम मोड़ पर आया और आखिरकार लाहौर को हार का सामना करना पड़ा।
इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा शाहीन शाह अफरीदी के नाम की होने लगी, क्योंकि वह टीम के कप्तान हैं। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी तक शाहीन अफरीदी पर व्यक्तिगत रूप से कोई आधिकारिक सज़ा घोषित नहीं की गई है।
जानकारी के मुताबिक, मैच के दौरान अंपायरों ने गेंद की स्थिति पर संदेह जताया। जांच के बाद उन्होंने गेंद बदलने का फैसला लिया और साथ ही लाहौर कलंदर्स पर 5 रन का जुर्माना भी लगाया। मैच उस समय बेहद रोमांचक मोड़ पर था और यह पेनल्टी सीधे मुकाबले के नतीजे पर असर डालती दिखी।
बताया जा रहा है कि फखर ज़मान पर गेंद की स्थिति बदलने का आरोप लगा है। हालांकि उन्होंने इस आरोप से इनकार किया है। मामला अब डिसिप्लिनरी प्रक्रिया में है और सुनवाई के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस पेनल्टी ने लाहौर के लिए मैच मुश्किल बना दिया। आखिरी ओवरों में मुकाबला जहां बराबरी का लग रहा था, वहीं 5 रन जुड़ने के बाद विपक्षी टीम के लिए लक्ष्य आसान हो गया। यही वजह रही कि लाहौर कलंदर्स को अंत में हार झेलनी पड़ी।
इस पूरे मामले ने PSL 2026 की शुरुआत में ही टूर्नामेंट की निष्पक्षता और टीमों के रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद क्या किसी खिलाड़ी पर व्यक्तिगत सज़ा भी तय की जाती है या मामला सिर्फ टीम पेनल्टी तक ही सीमित रहता है।
फिलहाल इतना साफ है कि लाहौर कलंदर्स को मैच के दौरान 5 रन की पेनल्टी मिली और वही उनके लिए हार की बड़ी वजह बनी। लेकिन शाहीन अफरीदी पर अभी तक किसी अलग सज़ा की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।