
रांची। झारखंड में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में करीब 10 साल बाद एक बार फिर झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी JTET आयोजित की जाएगी। लंबे समय से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह खबर किसी राहत से कम नहीं है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल यानी JAC ने JTET 2026 को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत अभ्यर्थी 21 अप्रैल 2026 से 21 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
https://jacexamportal.in/web_notice/2026_JHTET_PRESS_ADV.pdf
राज्य में पिछली बार JTET परीक्षा वर्ष 2016 में आयोजित की गई थी। इसके बाद लंबे समय तक परीक्षा नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करने की उम्र सीमा पार करने लगे थे। इसी स्थिति को देखते हुए इस बार सरकार और परिषद की ओर से अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी गई है। JTET 2026 के लिए अधिकतम आयु सीमा में पूरे 9 साल की छूट देने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा 58 वर्ष तक के पारा शिक्षकों को भी इस परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
इस बार JTET परीक्षा दो स्तरों पर आयोजित होगी। पहला पेपर प्राथमिक स्तर के लिए होगा, जो कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षक पदों के लिए लागू होगा। दूसरा पेपर उच्च प्राथमिक स्तर के लिए होगा, जो कक्षा 6 से 8 तक के लिए मान्य रहेगा। अभ्यर्थियों को यह भी सुविधा दी गई है कि वे चाहें तो दोनों स्तर की परीक्षा एक साथ दे सकते हैं।
JTET 2026 में परीक्षा पैटर्न में भी कई अहम बदलाव किए गए हैं। पहले जहां हर विषय में अलग अलग पास होना जरूरी माना जाता था, वहीं अब यह बाध्यता हटा दी गई है। अब अभ्यर्थियों का परिणाम ओवरऑल क्वालीफाइंग मार्क्स के आधार पर तय किया जाएगा। इस बदलाव से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो किसी एक विषय में कम अंक आने के कारण पिछली बार क्वालीफाई नहीं कर पाते थे।
क्वालीफाइंग मार्क्स की बात करें तो सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के लिए 60 प्रतिशत अंक तय किए गए हैं। वहीं जनजातीय और दिव्यांग वर्ग के लिए 55 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 52 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे।
परीक्षा के स्तर को भी इस बार अभ्यर्थियों के अनुकूल बनाया गया है। पहले JTET में पूछे जाने वाले सवालों का स्तर स्नातक के आधार पर माना जाता था, लेकिन इस बार इसे कम करते हुए इंटरमीडिएट और मैट्रिक स्तर के अनुरूप कर दिया गया है। इससे परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को काफी राहत मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपनी रणनीति बना सकेंगे।
JTET 2026 की परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी। इसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि ढाई घंटे तय की गई है और यह OMR शीट पर आयोजित की जाएगी। दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को 30 मिनट अतिरिक्त समय देने का भी प्रावधान किया गया है।
झारखंड एकेडमिक काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने कहा है कि लंबे समय से अभ्यर्थियों की मांग थी कि परीक्षा प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाया जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार कई बदलाव किए गए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिल सके।
अभ्यर्थियों के बीच भी इस फैसले को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। कई युवाओं का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद आखिरकार JTET परीक्षा का रास्ता साफ हुआ है। उम्र सीमा में 9 साल की छूट मिलने से उन उम्मीदवारों को भी दोबारा मौका मिलेगा, जो अब तक सिर्फ उम्र के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे थे।
संभावना जताई जा रही है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जून 2026 तक परीक्षा आयोजित की जा सकती है। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थानीय भाषाओं को भी परीक्षा का हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा और भर्ती प्रक्रिया अधिक समावेशी बन सकेगी।
कुल मिलाकर JTET 2026 झारखंड के शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा अवसर बनकर सामने आया है। यह परीक्षा न केवल युवाओं के लिए शिक्षक बनने का रास्ता खोलेगी, बल्कि लंबे समय से रुकी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को भी नई रफ्तार दे सकती है।