पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनावी मैदान में उतरी भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी कर दी। इस सूची में कुल 13 प्रत्याशियों के नाम शामिल किए गए हैं। सबसे ज्यादा चर्चा मैनागुड़ी विधानसभा सीट को लेकर हो रही है, जहां पार्टी ने अपने उम्मीदवार में बदलाव किया है।
भाजपा की ओर से जारी इस नई सूची के मुताबिक आशुतोष बर्मा को सीताई एससी सीट से टिकट दिया गया है। गिरिजा शंकर रॉय को नटबारी से उम्मीदवार बनाया गया है। सोमा ठाकुर को बागदा एससी सीट से मौका मिला है। उत्तम कुमार बनिक मगराहाट पूर्व से चुनाव लड़ेंगे। देबांगशु पांडा को फाल्टा से मैदान में उतारा गया है। देबाशीष धर सोनारपुर उत्तर से चुनाव लड़ेंगे।
इसके अलावा संतोष पाठक को चौरंगी से टिकट मिला है। श्यामल हाती हावड़ा दक्षिण से उम्मीदवार बनाए गए हैं। रंजन कुमार पुआल पंचला सीट से चुनाव लड़ेंगे। पीयूष कांतिल दास को चांदीपुर से मैदान में उतारा गया है। प्रदीप लोढ़ा गरबेटा से, मानव गुहा मेमारी से और अरिजीत रॉय बाराबनी से भाजपा के उम्मीदवार होंगे।
इस चौथी सूची में सबसे अहम बदलाव मयनागुड़ी एससी विधानसभा सीट पर किया गया है। यहां भाजपा ने पहले घोषित उम्मीदवार कौशिक रॉय की जगह अब डालिम रॉय को मैदान में उतारा है। उम्मीदवार बदलने के इस फैसले को पार्टी की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भाजपा लगातार अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। इससे पहले 25 मार्च को पार्टी ने 19 उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी की थी। उस सूची में आरजी कर मेडिकल कॉलेज की चर्चित पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को पानीहाटी विधानसभा सीट से टिकट देकर भाजपा ने बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की थी।
अब तक भाजपा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कुल 287 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। पार्टी की पहली सूची में 144 उम्मीदवारों के नाम थे। दूसरी सूची में 111 प्रत्याशी घोषित किए गए थे। तीसरी सूची में 19 नाम शामिल थे और अब चौथी सूची में 13 उम्मीदवारों को जगह दी गई है।
पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल की तारीख तय की गई है। दोनों चरणों के वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल रखी गई है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल को होगी। उम्मीदवार 9 अप्रैल तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। वहीं दूसरे चरण के लिए अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी की जाएगी। दूसरे चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल है। नामांकन पत्रों की जांच 10 अप्रैल को होगी और उम्मीदवार 13 अप्रैल तक नामांकन वापस ले सकेंगे।
पश्चिम बंगाल में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। एक ओर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस अपनी सत्ता बचाने की कोशिश में है, तो दूसरी ओर भाजपा राज्य में मजबूत प्रदर्शन करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। उम्मीदवारों की सूची जारी होने के साथ ही अब राज्य में चुनावी मुकाबला और तेज होने वाला है।