
पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल अपने चरम पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि 14 अप्रैल तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जबकि 18 अप्रैल से पहले बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है।
हालांकि अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से पटना से लेकर दिल्ली तक बैठकों और सियासी हलचलों की खबरें सामने आ रही हैं, उससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि बिहार में सत्ता परिवर्तन की पटकथा लगभग तैयार हो चुकी है।
10 से 12 दिन बेहद अहम
सूत्रों के मुताबिक, बिहार में अगले 10 से 12 दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यही वह समय है, जब राज्य की राजनीति नई दिशा ले सकती है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद अब बिहार की कमान किसी नए चेहरे को सौंपी जा सकती है।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि नई सरकार का गठन 14 अप्रैल से 18 अप्रैल के बीच कभी भी हो सकता है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
क्या है संभावित राजनीतिक शेड्यूल
सामने आ रहे राजनीतिक घटनाक्रम के मुताबिक बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया कुछ इस तरह आगे बढ़ सकती है।
6 अप्रैल को जेडीयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक मुख्यमंत्री आवास पर हो सकती है।
9 अप्रैल को नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की संभावना जताई जा रही है।
इसी दौरान वे जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद और कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं।
10 अप्रैल को नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं।
इसके बाद दिल्ली में शीर्ष नेताओं से मुलाकात की भी चर्चा है।
11 अप्रैल को उनके पटना लौटने और पार्टी नेताओं के साथ अहम बैठक करने की संभावना है।
12 और 13 अप्रैल को एनडीए विधायक दल की बैठक हो सकती है।
इसी बैठक में बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बन सकती है।
14 अप्रैल को नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की अटकलें हैं।
इसके बाद 18 अप्रैल से पहले नई सरकार का गठन संभव माना जा रहा है।
दिल्ली से चलेगी बिहार की राजनीति?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का फोकस अब धीरे-धीरे केंद्र की राजनीति की ओर बढ़ता दिख रहा है। राज्यसभा में जाने के बाद उनकी सक्रियता दिल्ली की राजनीति में बढ़ सकती है। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि भले ही वे बिहार के मुख्यमंत्री पद से हट जाएं, लेकिन राज्य की राजनीति पर उनकी पकड़ और प्रभाव बना रह सकता है।
यानी आने वाले दिनों में बिहार की सत्ता में चेहरा बदल सकता है, लेकिन राजनीतिक नियंत्रण और रणनीति पर नीतीश कुमार की भूमिका बनी रह सकती है।
सबसे बड़ा सवाल, अगला मुख्यमंत्री कौन?
अब बिहार की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर नीतीश कुमार इस्तीफा देते हैं, तो उनकी जगह मुख्यमंत्री कौन बनेगा। क्या एनडीए किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगा, या फिर ऐसा चेहरा सामने आएगा जो सियासी संतुलन बनाए रख सके, इसका जवाब आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा।
फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि बिहार की राजनीति अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और आने वाले दिन राज्य की सत्ता की दिशा बदल सकते हैं।