
Narendra Modi ने देशवासियों से फिलहाल सोना खरीदने से बचने और गैर-जरूरी खर्च कम करने की अपील की है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सरकार को डर है कि अगर हालात और बिगड़े, तो इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में पीएम मोदी का यह संदेश देश की आर्थिक सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
1. विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ता दबाव
भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोना आयात करने वाले देशों में शामिल है। सोना खरीदने के लिए भारत को डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। अगर गोल्ड इम्पोर्ट लगातार बढ़ता रहा, तो देश के Forex Reserves पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि सरकार फिलहाल गोल्ड खरीद कम करने की सलाह दे रही है।
2. तेल की कीमतें बढ़ने का खतरा
अमेरिका और Iran के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का खतरा बढ़ गया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है। तेल महंगा होने पर देश का आयात बिल बढ़ेगा और डॉलर की मांग भी तेज होगी। इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर आम लोगों की जेब तक पड़ सकता है।
3. रूस से मिला बड़ा सबक
पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद Russia को डॉलर आधारित वैश्विक वित्तीय सिस्टम में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय लेनदेन और व्यापार प्रभावित हुआ। यही वजह है कि अब कई देश डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत भी अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी की यह अपील सिर्फ सोना खरीदने से जुड़ी सलाह नहीं, बल्कि आने वाले आर्थिक जोखिमों को लेकर एक बड़ा संकेत भी है।