
Narendra Modi ने एक बार फिर लोगों से सोना खरीदने से बचने और ईंधन की बचत करने की अपील की है। अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच इसका असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
मंगलवार को बाजार खुलते ही निवेशकों में घबराहट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, ऑटो और ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों पर देखा गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में डर का माहौल बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अगर तेल महंगा होता है, तो देश का आयात बिल बढ़ेगा और रुपये पर दबाव आ सकता है।
इसी खतरे को देखते हुए पीएम मोदी ने लोगों से गैर-जरूरी गोल्ड खरीद टालने और पेट्रोल-डीजल की बचत करने की सलाह दी है। सरकार का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा।
रूस पर लगे प्रतिबंधों के बाद दुनिया ने देखा कि डॉलर आधारित वैश्विक सिस्टम पर ज्यादा निर्भरता कितनी भारी पड़ सकती है। इसी वजह से भारत भी आर्थिक मोर्चे पर सतर्कता बढ़ा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक पश्चिम एशिया संकट शांत नहीं होता, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।