
पश्चिम बंगाल में Suvendu Adhikari सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रहा इंतजार अब खत्म होता दिख रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद जून के पहले या दूसरे सप्ताह में कैबिनेट विस्तार हो सकता है। शपथ ग्रहण समारोह Raj Bhavan Kolkata में आयोजित किए जाने की संभावना है।
9 मई को हुई थी सरकार की शुरुआत
2026 विधानसभा चुनाव में 208 सीटों की बड़ी जीत के बाद 9 मई को Suvendu Adhikari ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ Dilip Ghosh, Agnimitra Paul, Nisith Pramanik समेत कुल 5 मंत्रियों ने शपथ ली थी। उस समय कई अहम विभाग खाली रखे गए थे, जिनका अतिरिक्त प्रभार मौजूदा मंत्रियों को दिया गया था।
अब माना जा रहा है कि नए चेहरों के शामिल होने के बाद विभागों का पूर्ण पुनर्वितरण किया जाएगा।
इन नेताओं के नाम सबसे आगे
बीजेपी सूत्रों के अनुसार इस बार अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को प्राथमिकता दी जा रही है। संभावित मंत्रियों की सूची में कुछ बड़े नाम चर्चा में हैं:
Tapas Roy
Swapan Dasgupta
Shankar Ghosh
Sharadwat Mukherjee
पार्टी का मानना है कि इन चेहरों से सरकार को प्रशासनिक मजबूती और क्षेत्रीय संतुलन दोनों मिलेंगे।
तीन बड़े समीकरणों पर फोकस
कैबिनेट विस्तार में बीजेपी नेतृत्व तीन अहम बिंदुओं पर खास ध्यान दे रहा है:
1. क्षेत्रीय संतुलन
उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और जंगलमहल क्षेत्र को बराबर प्रतिनिधित्व देने की कोशिश होगी।
2. सामाजिक समीकरण
विभिन्न जातीय और सामाजिक समूहों को सरकार में भागीदारी देकर व्यापक संदेश देने की तैयारी है।
3. प्रशासनिक अनुभव
कई विधायक पहली बार जीतकर आए हैं, इसलिए अनुभवी नेताओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्त जैसे अहम विभाग दिए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री अपने पास रख सकते हैं अहम विभाग
सूत्रों के मुताबिक Suvendu Adhikari गृह मंत्रालय समेत कई पावरफुल विभाग अपने पास रख सकते हैं। वहीं बाकी वरिष्ठ मंत्रियों को बड़े मंत्रालय सौंपे जाने की तैयारी है।
हालांकि 208 विधायकों वाली बड़ी टीम में सभी को संतुष्ट करना आसान नहीं होगा। पार्टी की रणनीति है कि जिन्हें मंत्री पद नहीं मिलेगा, उन्हें संगठन या सरकारी समितियों में अहम जिम्मेदारी दी जाए।