मकर संक्रांति 2026 इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास मानी जा रही है। इस दिन शनि की राशि मकर में एक साथ पांच ग्रहों का गोचर होने जा रहा है। इसे पंचग्रही गोचर कहा जा रहा है, जो कुछ राशियों के लिए भाग्य के नए द्वार खोल सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मकर संक्रांति से तीन राशियों का स्वर्णिम काल शुरू हो सकता है।

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, मकर संक्रांति के आसपास सूर्य, बुध, मंगल, शुक्र और शनि का मकर राशि में प्रभाव देखने को मिलेगा। शनि की अपनी राशि में मौजूदगी और अन्य ग्रहों का साथ मिलना इसे बेहद शक्तिशाली योग बना रहा है। ऐसे दुर्लभ योग लंबे समय बाद बनते हैं।
इस पंचग्रही गोचर का सबसे अधिक लाभ वृषभ, कन्या और मकर राशि के जातकों को मिलने की संभावना है। इन राशियों के लिए करियर, धन और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिहाज से समय अनुकूल रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की के अवसर मिल सकते हैं, वहीं व्यापारियों को नए लाभकारी सौदे मिलने के योग हैं।
मकर राशि वालों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। शनि की कृपा से लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास में भी वृद्धि देखने को मिलेगी।
वृषभ और कन्या राशि के जातकों को भी इस दौरान मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। निवेश, प्रॉपर्टी और नई योजनाओं में सफलता मिल सकती है। पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति बनी रहेगी।
हालांकि ज्योतिषियों की सलाह है कि इस दौरान अहंकार और जल्दबाजी से बचें। शनि के प्रभाव में धैर्य और अनुशासन सबसे बड़ा मंत्र माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन दान-पुण्य और सूर्य को अर्घ्य देना भी शुभ फल देता है।
कुल मिलाकर, मकर संक्रांति 2026 कुछ राशियों के लिए सौभाग्य लेकर आ रही है। पंचग्रही गोचर का यह योग आने वाले महीनों में जीवन की दिशा बदल सकता है।