मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका-इजरायल के सैन्य अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर के बाद ईरान ने जोरदार जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। मिसाइल और ड्रोन हमलों की गूंज इजरायल से लेकर खाड़ी देशों तक सुनाई दे रही है।

तेल अवीव और यरुशलम पर हमले
ईरान की राजधानी तेहरान पर हमले के तीसरे दिन इजरायल के Tel Aviv और Jerusalem के ऊपर कई मिसाइलें दागी गईं। इजरायली सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए अधिकतर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है। इसके बावजूद कई इलाकों में सायरन बजे और लोगों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी।
इराक में अमेरिकी ठिकाने निशाने पर
इराक के Erbil हवाई अड्डे के पास, जहां अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन की मौजूदगी है, बार-बार ड्रोन गतिविधि देखी गई। सूत्रों के मुताबिक, कई ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया, लेकिन आसपास के नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
कुवैत में भी अमेरिकी दूतावास के पास धुएं के गुबार उठते देखे गए, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट और कड़ा कर दिया गया।
मनामा और दोहा में धमाके
बहरीन की राजधानी Manama में एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले की खबर है, जिसमें मामूली नुकसान हुआ। कतर की राजधानी Doha में भी हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय रही और कई संदिग्ध ड्रोन को रोका गया।
यूएई में सबसे ज्यादा असर
संयुक्त अरब अमीरात के शहर Dubai में ड्रोन के मलबे से रिहायशी इलाकों में दो लोग घायल हो गए। शनिवार को हमलों के दौरान पाम सीफ्रंट डेवलपमेंट और प्रतिष्ठित Burj Al Arab होटल परिसर के पास आग लगने की भी खबरें सामने आईं।
वहीं Abu Dhabi एयरपोर्ट के नजदीक हुए हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत और सात लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। एक अन्य व्यक्ति की दिन में पहले मलबा गिरने से जान गई।
बढ़ती चिंता, वैश्विक असर की आशंका
लगातार हो रहे हमलों के बाद अमेरिका और उसके अरब सहयोगियों ने ईरान की कार्रवाई की निंदा की है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो यह टकराव पूरे खाड़ी क्षेत्र को व्यापक युद्ध में झोंक सकता है।
तेल प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक तेल आपूर्ति, शेयर बाजार और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल सभी प्रभावित देशों में हाई अलर्ट जारी है और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है।