Jeffrey Epstein Files: नए दस्तावेजों से अमेरिकी राजनीति में भूचाल, ट्रंप और कुशनर पर उठे बड़े सवाल
Jeffrey Epstein Files News Hindi: कुख्यात सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेज सामने आने के बाद अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इन फाइल्स में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया गया है।
दस्तावेजों में कहा गया है कि ट्रंप कथित तौर पर इजरायल के प्रभाव में थे, जबकि व्हाइट हाउस में असल सत्ता किसी और के हाथ में थी।
हालांकि, ये सभी बातें दावे और आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
एपस्टीन फाइल्स में क्या है दावा?
नई सामने आई फाइल्स में FBI से जुड़े एक गोपनीय सूत्र के हवाले से कहा गया है कि—
- डोनाल्ड ट्रंप पर विदेशी दबाव रहा
- इजरायल से जुड़े कुछ प्रभावशाली नेटवर्क का प्रशासन पर असर था
- ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर का व्हाइट हाउस के फैसलों में अत्यधिक दखल था
- कई अहम नीतिगत फैसले पर्दे के पीछे से तय किए जाते थे
इन दावों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या उस समय अमेरिका की सत्ता वास्तव में राष्ट्रपति के हाथ में थी या नहीं।
जैरेड कुशनर को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?
एपस्टीन फाइल्स में ट्रंप के दामाद और पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जैरेड कुशनर का नाम बार-बार सामने आया है।
दस्तावेजों के मुताबिक—
- कुशनर की भूमिका केवल सलाहकार तक सीमित नहीं थी
- मध्य-पूर्व नीति समेत कई अहम फैसलों में उनका सीधा प्रभाव था
- सत्ता का वास्तविक नियंत्रण कथित तौर पर उन्हीं के पास था
हालांकि, कुशनर या ट्रंप की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मस्क और बिल गेट्स का नाम भी चर्चा में
एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में केवल ट्रंप ही नहीं, बल्कि कई बड़े और चर्चित नामों का जिक्र है। इनमें—
- इलॉन मस्क
- बिल गेट्स
जैसे दिग्गजों का नाम भी शामिल बताया गया है।
हालांकि इन सभी मामलों में स्पष्ट किया गया है कि किसी का नाम आना अपराध का प्रमाण नहीं है।
बिल गेट्स पहले ही ऐसे आरोपों को खारिज कर चुके हैं और उन्हें निराधार बताया है।
अमेरिकी राजनीति पर क्या पड़ेगा असर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि—
- ये फाइल्स चुनावी राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकती हैं
- ट्रंप की छवि पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर पड़ सकता है
- अमेरिका की विदेश नीति को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है
फिलहाल अमेरिकी प्रशासन और जांच एजेंसियों की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
क्या ट्रंप पर कोई कानूनी आरोप तय हुआ है?
सबसे अहम बात यह है कि—
👉 इन फाइल्स में लगाए गए आरोप कानूनी रूप से साबित नहीं हुए हैं
👉 ट्रंप या किसी अन्य व्यक्ति पर फिलहाल कोई नया केस दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है
👉 दस्तावेजों में कई हिस्से अब भी गोपनीय (Redacted) हैं
इसलिए इन दावों को तथ्यों के बजाय जानकारी और आरोपों के रूप में ही देखा जा रहा है।
जेफरी एपस्टीन से जुड़ी नई फाइल्स ने दुनिया की सबसे ताकतवर राजनीति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या वाकई ट्रंप किसी विदेशी प्रभाव में थे?
क्या व्हाइट हाउस में सत्ता की डोर किसी और के हाथ में थी?
इन सवालों के जवाब फिलहाल अधूरे हैं। सच्चाई क्या है, यह आने वाली जांच और आधिकारिक खुलासों के बाद ही साफ हो पाएगा।