
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले कोलकाता की मतदाता सूची में बड़े बदलाव सामने आए हैं। Election Commission of India के ताजा आंकड़ों के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण SIR के बाद कई इलाकों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।
सबसे ज्यादा असर Shyampukur और Chowringhee विधानसभा क्षेत्रों में देखने को मिला है, जहां हजारों मतदाता अयोग्य घोषित कर दिए गए।
श्यामपुकुर विधानसभा क्षेत्र इस सूची में सबसे ऊपर है। यहां जांच के दायरे में आए 2759 मामलों में से 2390 यानी करीब 87 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। इसके बाद चौरंगी और Entally का स्थान आता है, जहां भी बड़ी संख्या में नाम काटे गए हैं।
कोलकाता के कई विधानसभा क्षेत्रों में भारी स्तर पर वोटर लिस्ट में बदलाव हुआ है
श्यामपुकुर में 87 प्रतिशत नाम हटे
चौरंगी में 73.3 प्रतिशत मतदाता बाहर हुए
इंटाली में 72.4 प्रतिशत नाम काटे गए
जोड़ासांको में 63.6 प्रतिशत
रासबिहारी में 61.6 प्रतिशत
काशीपुर बेलगाछिया में करीब 60 प्रतिशत नाम हटाए गए
जहां कुछ इलाकों में भारी कटौती हुई, वहीं Ballygunge और Bhabanipur में कई मतदाताओं को राहत मिली
बालीगंज में 23968 मामलों में से 17769 नाम वैध पाए गए
भवानीपुर में 14154 मामलों में से 10256 मतदाताओं को मंजूरी मिली
कोलकाता पोर्ट क्षेत्र में भी 59 प्रतिशत नामों को क्लियर किया गया
भवानीपुर सीट मुख्यमंत्री Mamata Banerjee का निर्वाचन क्षेत्र है, जिससे यह और भी चर्चा में है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, खासकर प्रवासी मजदूरों और अल्पसंख्यक समुदायों पर पड़ा है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, श्यामपुकुर, चौरंगी और इंटाली जैसे इलाकों में प्रवासी आबादी अधिक है, इसलिए यहां बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं।
सिर्फ कोलकाता ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर 60 लाख से ज्यादा मतदाताओं को जांच के दायरे में रखा गया था।
Rajarhat New Town में सबसे ज्यादा 77 प्रतिशत नाम हटाए गए। नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद अब इस सूची को फ्रीज कर दिया गया है।
पूरे राज्य में करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए
27 लाख से ज्यादा नाम अंतिम न्यायिक जांच में काटे गए
भवानीपुर में कुल मतदाताओं की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत कमी दर्ज हुई
उत्तर और दक्षिण कोलकाता में मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट देखी गई