
हिमाचल प्रदेश की आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह, जो 2021 बैच से हैं, ने हाल ही में 25 दिन की छुट्टी ली। इस दौरान, उनकी छुट्टी के कारण उनकी जूनियर अधिकारी को एसपी (सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस) के रूप में जिम्मेदारी सौंप दी गई। यह कदम न केवल अधिकारियों के बीच सहयोग और विश्वास को बढ़ावा देने का प्रतीक है, बल्कि यह युवा पुलिस अधिकारियों के लिए एक सुनहरा अवसर भी बन गया है।
अदिति सिंह, जो अपनी कार्यकुशलता और सख्त अनुशासन के लिए जानी जाती हैं, ने विभाग से छुट्टी लेने का निर्णय लिया। उनके इस फैसले के बाद, उनके जूनियर अधिकारी, जिन्होंने अपेक्षाकृत कम समय में सेवा दी है, को एसपी का चार्ज सौंपा गया।
अधिकारी ने अपनी नई जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए कहा, “यह मेरे लिए एक बड़े अवसर की तरह है। मुझे विश्वास है कि इस अनुभव से मेरी नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की क्षमता को काफी बल मिलेगा।” उनका कहना था कि यह न सिर्फ उनके व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे समग्र पुलिस विभाग की कार्यक्षमता में भी वृद्धि हो रही है।
इस बदलाव को लेकर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए कहते हैं, “जब जूनियर अधिकारियों को ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल किया जाता है, तो उन्हें अधिक आत्मविश्वास मिलता है। इससे न सिर्फ उनकी कार्यकुशलता में सुधार होता है, बल्कि वे भविष्य में उच्चतम स्तर पर अच्छे नेतृत्व के रूप में उभरते हैं।”
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम पुलिस बल में लचीलापन और दक्षता को बढ़ाते हैं। छुट्टियों या किसी अन्य कारण से जब वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध नहीं होते, तो जूनियर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने से यह सुनिश्चित होता है कि विभाग सही दिशा में चलता रहे।
अदिति सिंह की छुट्टी और जूनियर अधिकारी को एसपी के रूप में जिम्मेदारी मिलने की यह घटना इस बात का उदाहरण है कि पुलिस विभाग में कैसे एक टीमवर्क और सही अवसरों से अधिकारियों का विकास किया जा सकता है।