
कर्नाटक की राजनीति में आज बड़ा उलटफेर देखने को मिला। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया। लंबे समय से चल रही सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच गुरुवार को उन्होंने मंत्रियों के साथ हुई ब्रेकफास्ट मीटिंग में इस्तीफे का ऐलान किया। इसके बाद उन्होंने लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने के बाद कहा, “आलाकमान ने जो कहा, वो मैंने किया। मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप दिया है। राज्यपाल फिलहाल बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं, इसलिए उनका पत्र सचिव को दिया गया है।”
सुबह से ही कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज थी। मुख्यमंत्री आवास कावेरी में मंत्रियों और विधायकों की आवाजाही शुरू हो गई थी। ब्रेकफास्ट मीटिंग में सिद्धारमैया ने अपने तीन साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और मंत्रियों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस दौरान माहौल भावुक हो गया और कई मंत्री भी भावुक नजर आए।
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने अगले मुख्यमंत्री के तौर पर डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा है। अब इस पर अंतिम फैसला कांग्रेस विधायक दल की बैठक में लिया जाएगा, जो 29 मई की शाम 5 बजे बेंगलुरु में होगी।
कांग्रेस में ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री फॉर्मूले को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। हालांकि पार्टी और सिद्धारमैया सार्वजनिक तौर पर इससे इनकार करते रहे, लेकिन अब सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच लगातार खींचतान चल रही थी, जिससे सरकार का कामकाज प्रभावित हुआ और राज्य विकास के मामले में पीछे चला गया।
गौरतलब है कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत फिलहाल बेंगलुरु में मौजूद नहीं हैं। ऐसे में संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सिद्धारमैया ने अपना इस्तीफा राज्यपाल सचिवालय को सौंपा।
अब सबकी नजर कांग्रेस विधायक दल की बैठक पर टिकी है, जहां डीके शिवकुमार के नाम पर औपचारिक मुहर लग सकती है।