
मध्य प्रदेश के Indore से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां इलेक्ट्रिक वाहन की चार्जिंग के दौरान लगी आग में एक ही परिवार के आठ लोगों की जान चली गई। यह घटना 18 मार्च की देर रात से सुबह के बीच हुई, जब घर के ज्यादातर लोग सो रहे थे।
बताया जा रहा है कि घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार चार्ज हो रही थी। इसी दौरान चार्जिंग प्वाइंट पर शॉर्ट सर्किट हुआ और अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा घर उसकी चपेट में आ गया। घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों ने स्थिति को और भयावह बना दिया, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया।
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कई लोग घर के अंदर ही फंस गए और बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि घर से निकलने के रास्ते पूरी तरह सुरक्षित नहीं थे, जिससे बचाव मुश्किल हो गया।
इस हादसे ने इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन सुरक्षित होते हैं, लेकिन गलत तरीके से चार्जिंग करना खतरनाक साबित हो सकता है।
अक्सर लोग घर की सामान्य वायरिंग पर ही इलेक्ट्रिक कार चार्ज करने लगते हैं, जबकि इसके लिए अलग और मजबूत इलेक्ट्रिकल सेटअप जरूरी होता है। इसके अलावा लोकल या सस्ते चार्जर का इस्तेमाल भी जोखिम बढ़ा देता है। कई बार लोग गाड़ी को रातभर चार्जिंग पर छोड़ देते हैं, जिससे ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा कंपनी द्वारा सुझाए गए चार्जर का ही इस्तेमाल करें और चार्जिंग पॉइंट की समय समय पर जांच कराते रहें। साथ ही, चार्जिंग के दौरान आसपास ज्वलनशील चीजें नहीं रखनी चाहिए और घर में उचित वेंटिलेशन होना जरूरी है।
यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है कि तकनीक के साथ लापरवाही जानलेवा हो सकती है। थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी कई जिंदगियां बचा सकती है।