
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर की मजबूती के बीच भारतीय रुपया शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 19 पैसे टूटकर 93.15 प्रति डॉलर पर आ गया।
भारतीय करेंसी पर वैश्विक हालात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.15 के स्तर तक फिसल गया। यह पहली बार है जब रुपया 93 प्रति डॉलर के पार पहुंचा है। इससे पहले 18 मार्च को रुपया 92.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।
माना जा रहा है कि वेस्ट एशिया में जारी जंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने रुपये पर सीधा असर डाला है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने पर देश का इम्पोर्ट बिल बढ़ता है और डॉलर की मांग तेज हो जाती है। यही वजह है कि रुपये पर दबाव और बढ़ गया।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद से निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। वैश्विक बाजार में ‘रिस्क-ऑफ’ सेंटिमेंट के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर अमेरिकी डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं। इससे डॉलर मजबूत हुआ है और रुपये समेत उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर दबाव बढ़ा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी रुपये की कमजोरी की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। विदेशी फंड और संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। जब वे अपने निवेश को डॉलर में बदलते हैं, तो इससे भारतीय मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
रुपये में गिरावट का असर सिर्फ करेंसी मार्केट तक सीमित नहीं रहता। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ सकता है। खासतौर पर कच्चे तेल, पेट्रोल-डीजल, गैस और आयातित वस्तुओं की कीमतों पर इसका असर दिख सकता है। रुपये के कमजोर होने से आम आदमी की जेब पर भी बोझ बढ़ने की आशंका रहती है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तीन चीजें बेहद अहम रहेंगी। पहली, वेस्ट एशिया में तनाव कितना और बढ़ता है। दूसरी, कच्चे तेल की कीमतें किस दिशा में जाती हैं। और तीसरी, भारतीय रिजर्व बैंक रुपये को संभालने के लिए क्या कदम उठाता है।
फिलहाल शेयर बाजार और करेंसी मार्केट दोनों बेहद संवेदनशील स्थिति में हैं। ऐसे में वैश्विक संकेतों और आरबीआई की प्रतिक्रिया पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।