
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee एक बार फिर अपनी सादगी को लेकर सुर्खियों में हैं। 2026 विधानसभा चुनाव के लिए भवानीपुर सीट से नामांकन के दौरान उन्होंने अपनी संपत्ति का जो ब्योरा दिया, वह आम लोगों को चौंका देता है। सत्ता के शीर्ष पर होने के बावजूद उनकी जीवनशैली आज भी बेहद साधारण है।
चुनावी हलफनामे के अनुसार ममता बनर्जी के पास मात्र 75 हजार 700 रुपये नकद हैं, जबकि उनके बैंक खातों में कुल 12 लाख 76 हजार रुपये जमा हैं। उनके नाम पर न तो कोई घर है और न ही कोई जमीन या व्यावसायिक संपत्ति। वह आज भी अपने पैतृक घर में ही रहती हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि 15 साल से मुख्यमंत्री रहने के बावजूद उनके पास अपनी निजी कार तक नहीं है और वह सरकारी या पार्टी के वाहनों का ही इस्तेमाल करती हैं।
अगर गहनों की बात करें तो यहां भी उनकी सादगी साफ नजर आती है। उनके पास कुल 9.75 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत करीब 1.45 लाख रुपये आंकी गई है।
पिछले पांच वर्षों में उनकी संपत्ति बढ़ने के बजाय कम हुई है। 2021 में उनकी कुल संपत्ति लगभग 16.72 लाख रुपये थी, जो अब घटकर करीब 15.37 लाख रुपये रह गई है। यानी करीब 1.3 लाख रुपये की कमी दर्ज हुई है।
आम तौर पर बड़े पदों पर बैठे नेता वेतन और पेंशन लेते हैं, लेकिन ममता बनर्जी इससे अलग रास्ता अपनाती हैं। वह न तो सरकारी वेतन लेती हैं और न ही पेंशन। उनकी आय का मुख्य स्रोत उनकी लिखी किताबों से मिलने वाली रॉयल्टी और बैंक ब्याज है। उन्होंने 150 से अधिक किताबें लिखी हैं और यही उनकी कमाई का आधार है।
वित्त वर्ष 2024-25 में उनकी कुल आय 23 लाख 21 हजार रुपये रही। इससे पहले के वर्षों में भी उनकी आय इसी तरह रॉयल्टी और ब्याज पर आधारित रही है।
5 जनवरी 1955 को जन्मी ममता बनर्जी की उम्र 71 वर्ष है। वह अविवाहित हैं और 1998 में उन्होंने All India Trinamool Congress की स्थापना की थी, जिसकी वह आज भी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। शिक्षा की बात करें तो उन्होंने इतिहास में स्नातक और इस्लामिक इतिहास में परास्नातक किया है, साथ ही बीएड की डिग्री भी हासिल की है।
राजनीति में लंबे समय तक शीर्ष पर रहने के बावजूद ममता बनर्जी की सादगी भरी जिंदगी उन्हें बाकी नेताओं से अलग पहचान देती है।