
दुनिया भर में इंटरनेट और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लेकर एक नई चिंता सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के आसपास मौजूद समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स को लेकर बढ़ते तनाव ने टेक्नोलॉजी जगत में हलचल मचा दी है। दावा किया जा रहा है कि अगर इन अंडरसी केबल्स पर असर पड़ता है, तो WhatsApp, UPI, क्लाउड सर्विस और कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म प्रभावित हो सकते हैं।
दरअसल, दुनिया का ज्यादातर इंटरनेट डेटा समुद्र के नीचे बिछी फाइबर ऑप्टिक केबल्स के जरिए चलता है। मिडिल ईस्ट के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इलाके से कई अहम इंटरनेट केबल्स गुजरती हैं, जो एशिया, यूरोप और खाड़ी देशों को जोड़ती हैं। ऐसे में अगर इस क्षेत्र में कोई बड़ा विवाद या तकनीकी बाधा आती है, तो उसका असर ग्लोबल इंटरनेट नेटवर्क पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पूरी दुनिया का इंटरनेट अचानक बंद होना आसान नहीं है, क्योंकि कई बैकअप नेटवर्क और वैकल्पिक रूट मौजूद हैं। हालांकि किसी बड़े संकट की स्थिति में इंटरनेट स्पीड धीमी हो सकती है, वीडियो कॉलिंग और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन प्रभावित हो सकते हैं और कुछ डिजिटल सेवाओं में अस्थायी दिक्कत आ सकती है।
भारत में UPI और डिजिटल बैंकिंग सिस्टम फिलहाल सुरक्षित माने जा रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट नेटवर्क में बड़ी रुकावट आने पर विदेशी सर्वर आधारित सेवाओं पर असर देखने को मिल सकता है। WhatsApp, Instagram और क्लाउड प्लेटफॉर्म जैसी सेवाएं भी स्लो हो सकती हैं।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर किसी बड़े ग्लोबल इंटरनेट ब्लैकआउट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन डिजिटल दुनिया की निर्भरता अंडरसी इंटरनेट केबल्स पर कितनी ज्यादा है, यह मामला एक बार फिर सामने ले आया है।