
Suvendu Adhikari ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि वह भवानीपुर विधानसभा सीट अपने पास रखेंगे, जबकि नंदीग्राम सीट छोड़ देंगे। बुधवार को उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा में भवानीपुर सीट से विधायक के रूप में शपथ ली।
हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने दो सीटों — भवानीपुर और नंदीग्राम — से जीत दर्ज की थी। भवानीपुर सीट पर उन्होंने Mamata Banerjee को कड़े मुकाबले में 15,105 वोटों से हराया था। वहीं नंदीग्राम सीट पर उन्होंने तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार पवित्र कर को 9,665 वोटों से मात दी।
विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि नंदीग्राम के लोगों को उनकी कमी महसूस नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए किए गए सभी वादों को वह पूरा करेंगे, भले ही वहां से कोई दूसरा विधायक चुना जाए।
सुवेंदु अधिकारी ने अपने पुराने राजनीतिक सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2009 से 2016 के दौरान जब फिरोजा बीबी नंदीग्राम से विधायक थीं, तब भी उन्होंने क्षेत्र के विकास में पूरा सहयोग दिया था। इस बार भी वह उसी तरह नंदीग्राम के लोगों के साथ जुड़े रहेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भवानीपुर सीट को बनाए रखना सुवेंदु अधिकारी के लिए प्रतीकात्मक और रणनीतिक दोनों रूप से अहम है, क्योंकि यह सीट लंबे समय तक ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है।
इस बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में अब नंदीग्राम सीट पर होने वाले संभावित उपचुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि यह उपचुनाव राज्य की राजनीति में फिर बड़ा मुकाबला बन सकता है।