नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। UKG में पढ़ने वाला एक मासूम बच्चा कथित तौर पर स्कूल बस में ही सो गया और सभी बच्चों के उतर जाने के बाद भी किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। बस को करीब 25 किलोमीटर दूर पार्किंग यार्ड में खड़ा कर लॉक कर दिया गया, जहां बच्चा लगभग सात घंटे तक अंदर बंद रहा।

जानकारी के मुताबिक, सुबह बच्चा नियमित रूप से स्कूल बस से गया था। स्कूल पहुंचने पर अन्य बच्चे उतर गए, लेकिन वह सीट पर सोता रह गया। ड्राइवर और हेल्पर ने बस खाली होने की ठीक से जांच नहीं की और वाहन को सीधे पार्किंग में ले जाकर बंद कर दिया।
बस के अंदर तड़पता रहा मासूम
बताया जा रहा है कि दोपहर में जब बच्चे की नींद खुली, तो वह खुद को बंद बस के भीतर पाकर घबरा गया। गर्मी और घुटन के बीच वह मदद के लिए रोता और शीशे पीटता रहा। कई घंटों बाद इस बात का पता चला और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि समय रहते उसे ढूंढ लिया गया और कोई बड़ा हादसा टल गया।
स्कूल प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के बाद स्कूल प्रशासन और बस स्टाफ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों में गहरा रोष है और वे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
बच्चों की सुरक्षा पर फिर बहस
यह घटना एक बार फिर स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हर बस में अंतिम चेकिंग, उपस्थिति मिलान और सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल बच्चा सुरक्षित है, लेकिन इस घटना ने अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। सवाल यही है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है और ऐसी लापरवाही पर कब सख्ती होगी।