चीन में इन दिनों एक अनोखा मोबाइल ऐप ज़ोरदार चर्चा में है। इस ऐप का नाम है ‘Are You Dead?’। नाम भले ही चौंकाने वाला लगे, लेकिन इसका मकसद बेहद गंभीर है—अकेले रहने वाले लोगों की समय-समय पर खैरखबर लेना।

क्या है ‘Are You Dead?’ ऐप?
यह ऐप खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जो शहरों में अकेले रहते हैं। चाहे युवा हों या बुज़ुर्ग, यह ऐप उनसे तय समय पर एक चेक-इन करने को कहता है। यूज़र को सिर्फ एक बटन दबाकर बताना होता है कि वह सुरक्षित है। अगर तय समय तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती, तो ऐप अपने-आप परिवार या पहले से तय किए गए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट को अलर्ट भेज देता है।
क्यों तेजी से वायरल हो रहा है ऐप?
चीन में अकेले रहने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बड़े शहरों में नौकरी, पढ़ाई और बेहतर जीवन की तलाश में लोग परिवार से दूर रह रहे हैं। शादी की घटती दर, बढ़ती महंगाई और बदलती जीवनशैली ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। ऐसे माहौल में यह ऐप कई लोगों को सुरक्षा का एक आसान जरिया लग रहा है।
ऐप के नाम पर छिड़ी बहस
हालांकि ऐप का नाम ही विवाद की जड़ बन गया है। सोशल मीडिया पर कई लोगों का कहना है कि “Are You Dead?” जैसे शब्द डर पैदा करते हैं और मानसिक दबाव बढ़ा सकते हैं। लोगों ने सुझाव दिया है कि इसका नाम कुछ सकारात्मक होना चाहिए, जैसे “Are You Okay?” या “Are You Alive?”। आलोचनाओं के बाद ऐप डेवलपर्स ने कुछ देशों में इसे अलग नाम से पेश करने के संकेत भी दिए हैं।
सुरक्षा बनाम अकेलापन
ऐप के समर्थकों का मानना है कि यह तकनीक के ज़रिए जीवन बचाने का एक छोटा लेकिन जरूरी कदम है, खासकर उन लोगों के लिए जिनसे रोज़ कोई संपर्क में नहीं रहता। वहीं आलोचक कहते हैं कि अकेलेपन की समस्या सिर्फ तकनीक से हल नहीं हो सकती। इसके लिए सामाजिक जुड़ाव, समुदाय और मानसिक स्वास्थ्य पर ज़्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
बड़ी तस्वीर
42 करोड़ से ज्यादा शहरी आबादी वाले देश में इस ऐप की लोकप्रियता एक गहरी सच्चाई उजागर करती है—भीड़ में रहने के बावजूद लोग खुद को अकेला महसूस कर रहे हैं। यह ऐप सिर्फ एक डिजिटल टूल नहीं, बल्कि बदलते समाज और कमजोर होते रिश्तों की कहानी भी बयान करता है।
‘Are You Dead?’ ऐप ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आधुनिक समाज में इंसानी रिश्तों की कमी को तकनीक पूरा कर सकती है। ऐप भले ही सुरक्षा दे, लेकिन असली जरूरत भरोसे, संवाद और साथ की है