मुंबई की सियासत में बड़ा उलटफेर, 25 साल पुराना वर्चस्व खतरे में
मुंबई | 16 जनवरी 2026
देश की सबसे अमीर और ताकतवर नगर निकाय मानी जाने वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव नतीजों में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। शुरुआती रुझानों और परिणामों के मुताबिक भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन ठाकरे परिवार के गढ़ में मजबूत बढ़त बनाते हुए स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रही है।
अगर यही रुझान कायम रहे, तो मुंबई की राजनीति में यह पिछले ढाई दशकों का सबसे बड़ा उलटफेर माना जाएगा।
BJP-महायुति को बढ़त, ठाकरे गुट पिछड़ा
मतगणना के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने कई अहम वार्डों में जीत दर्ज की है और कई सीटों पर आगे चल रही है। वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और अन्य विपक्षी दल अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।
ठाकरे परिवार का बीएमसी पर करीब 25 साल पुराना वर्चस्व अब टूटता नजर आ रहा है।
मुंबई BMC क्यों है इतना अहम?
बृहन्मुंबई महानगरपालिका न सिर्फ देश की सबसे बड़ी नगर निकाय है, बल्कि इसका सालाना बजट कई राज्यों से भी ज्यादा है।
- मुंबई की बुनियादी सुविधाएं
- अरबों रुपये की परियोजनाएं
- शहरी विकास और ठेके
इन सभी पर BMC का नियंत्रण होता है। यही वजह है कि इसे राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है।
महायुति की जीत के पीछे क्या वजह?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, महायुति की बढ़त के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं—
- संगठनात्मक मजबूती
- शिंदे गुट का स्थानीय नेटवर्क
- शहरी मतदाताओं में सरकार के प्रति भरोसा
- विपक्षी दलों में वोटों का बंटवारा
इन सबका सीधा फायदा भाजपा-महायुति को मिलता दिख रहा है।
आगे क्या?
अगर अंतिम नतीजे भी मौजूदा रुझानों जैसे रहे, तो
- बीएमसी में महायुति की सत्ता तय मानी जा रही है
- नया महापौर भाजपा-शिवसेना गठबंधन से होगा
- मुंबई की राजनीति में शक्ति संतुलन पूरी तरह बदल जाएगा
Mumbai BMC Election Results 2026 सिर्फ एक नगर निकाय चुनाव नहीं, बल्कि यह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए एक बड़ा संकेत है। ठाकरे के अभेद्य माने जाने वाले किले में भाजपा की यह बढ़त आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की दिशा भी तय कर सकती है।