
उत्तर प्रदेश के मथुरा में हुए दर्दनाक नाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जबकि 4 लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और लापता लोगों की तलाश के लिए टीमें जुटी हुई हैं।
प्रशासन के मुताबिक, अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है और डूबी हुई नाव को भी नदी से बाहर निकाल लिया गया है। हादसे के बाद फरार चल रहे नाव मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
बचाव अभियान में 200 से अधिक गोताखोर लगे हुए हैं। सेना की टीम भी इस ऑपरेशन में शामिल है और यमुना नदी के तेज बहाव को देखते हुए 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तेज धारा के कारण लापता लोगों के दूर तक बह जाने की आशंका है।
प्रारंभिक जांच में कई बड़ी लापरवाहियां सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि नाव में उसकी क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे और किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाव मालिक अक्सर ओवरलोडिंग करता था, लेकिन इस पर कभी सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के समय तेज हवा चल रही थी और नाव दो बार पीपा पुल से टकराने से बची थी। यात्रियों ने नाव रोकने की बात भी कही, लेकिन चालक ने इसे नजरअंदाज कर दिया, जिसके बाद यह बड़ा हादसा हो गया।
इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पंजाब सरकार ने एक टीम को मथुरा भेजा है, जो घायलों की मदद और हालात का जायजा ले रही है। अधिकारियों ने कहा है कि अस्पताल में भर्ती लोगों की देखभाल को प्राथमिकता दी जा रही है और हर संभव सहायता दी जाएगी।
प्रशासन के अनुसार, पहले 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में घटनास्थल से करीब 800 मीटर दूर एक और शव बरामद हुआ, जिससे मृतकों की संख्या 11 हो गई। अभी भी 4 लोगों की तलाश जारी है।
मृतकों के शव उनके पैतृक स्थानों पर भेजे जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं। हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
यह हादसा एक बार फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।